भारतीय क्रिकेट में जब भी तेज गेंदबाजी की बात होगी, मोहम्मद शमी का नाम उन गेंदबाजों में जरूर लिया जाएगा, जिन्होंने अपनी धारदार गेंदों से दुनिया के दिग्गज बल्लेबाजों को परेशान किया। अब उनके टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के फैसले के बाद BCCI ने उन्हें खास अंदाज में विदाई दी है। बोर्ड ने शमी को भारतीय तेज गेंदबाजी के एक युग को परिभाषित करने वाला गेंदबाज बताया है।
शमी ने 6 नवंबर की रात टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान किया था। इसके साथ ही 13 साल लंबे उनके टेस्ट करियर पर विराम लग गया। हालांकि, वह ODI और T20 इंटरनेशनल क्रिकेट में खेलना जारी रखेंगे। BCCI ने 7 नवंबर को सोशल मीडिया पर उनके योगदान को याद करते हुए लिखा- भारतीय तेज गेंदबाजी के एक युग को परिभाषित करने के लिए शुक्रिया। टेस्ट कैप नंबर 279।
64 टेस्ट में झटके 200 से ज्यादा विकेट
36 साल के शमी ने अपने टेस्ट करियर का अंत 64 मुकाबलों में 229 विकेट के साथ किया। इस दौरान उनका गेंदबाजी औसत 27.71 रहा और उन्होंने 6 बार एक पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट लेने का कारनामा किया। भारत के लिए टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तेज गेंदबाजों की सूची में वह छठे स्थान पर रहे। इस लिस्ट में कपिल देव 434 विकेट के साथ पहले नंबर पर हैं। वहीं जहीर खान और ईशांत शर्मा के नाम 311-311 विकेट दर्ज हैं। जसप्रीत बुमराह 234 और जवागल श्रीनाथ 236 विकेट के साथ शमी से आगे हैं।
शमी ने 6 नवंबर 2013 को कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था। अपने करियर के दौरान उन्होंने भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को कई यादगार सफलताएं दिलाईं। खासतौर पर साउथ अफ्रीका, वेस्टइंडीज और भारत की परिस्थितियों में उनका प्रदर्शन शानदार रहा। इन तीनों जगहों पर खेले 35 टेस्ट मैचों में उन्होंने 131 विकेट चटकाए और उनका औसत 25 से भी कम रहा।
रवि शास्त्री ने जमकर की तारीफ
शमी के टेस्ट क्रिकेट से विदा लेने पर पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तेज गेंदबाज के योगदान की जमकर तारीफ की, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि उनके अंदर अभी काफी टेस्ट क्रिकेट बाकी था। न्यूजीलैंड में दूसरे ODI के दौरान शास्त्री ने कहा कि शानदार करियर। वह खुशकिस्मत थे कि उस समय टीम के कोच थे। भारत की सफलता में उनकी अहम भूमिका रही। उनके बिना तेज गेंदबाजी यूनिट उस तरह काम नहीं कर पाती। दुनिया में कोई भी गेंदबाज उनसे बेहतर तरीके से सीम पेश नहीं करता था।गौरतलब है कि शमी ने फरवरी 2025 में खेली गई चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से भारतीय टीम के लिए कोई मुकाबला नहीं खेला है। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहने के बावजूद सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनके खेलने का रास्ता खुला है।
(PTI Inputs)
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